ई.एच. कार के अनुसार, इतिहास कोई मृत अतीत नहीं है, बल्कि यह ।

इस पुस्तक का आधिकारिक हिंदी अनुवाद "इतिहास क्या है?" नाम से उपलब्ध है। इसे अक्सर विभिन्न प्रकाशनों द्वारा प्रकाशित किया जाता है।