रश्मी ने सम्मानपूर्वक सिर झुका दिया। वह जानती थी कि यहाँ की परम्पराओं में गहरी जड़ें हैं, लेकिन वह अपनी नई पहचान बनाने को तत्पर थी।
नीलम चाहती थी कि वह अपने करियर और घर दोनों को संतुलित कर सके। उसने धीरे-धीरे घर के कामों का समय प्रबंध बनाना शुरू किया—सुबह सबके लिए नाश्ता, बच्चों की पढ़ाई में मदद, शाम के समय दाल-रोटी की तैयारी—सब कुछ योजनाबद्ध। पर असल समस्या थी भावना की: निर्मला को यह महसूस नहीं होता था कि बदलते समय में बहू की कामकाजी पहचान भी परिवार की शान बढ़ा सकती है। m antarvasna saas sasur aur bahu hindi story com
सास पार्वती ने कहा, "हाँ, और तुम्हें खाना भी नहीं बनाना चाहिए। हम खाना बनाएंगे।" m antarvasna saas sasur aur bahu hindi story com